Business kya hai बिज़नेस क्या होता है

देश में नौकरियों की बेहद कमी है ऐसे में सभी लोग जानना चाहते है कि Business kya hai बिज़नेस क्या होता है ? एक सफल Businessman कैसे बने ? और Business में सफलता के क्या राज है | तो अगर आप भी Business kya hai बिज़नेस क्या होता है जानने के इच्छुक है तो यहाँ आपको Business की पूरी जानकारी मिलेगी |

दोस्तों भारत सरकार का यह प्रयास है की लोग नौकरी ढूढने के वजाए अपना खुद का बिज़नेस सुरु करें | यह बात आप लोगो ने भी मह्सुश किया किया होगा | मेरा भी मानना है की जब नौकरी की इतने कमी है तो क्यों ना आप बिज़नेस सुरु करके self-dependent बने |

Business kya hai (बिज़नेस क्या होता है)

बिज़नेस क्या होता है ( Business kya hai ) यह समझना आपके लिए उस वक्त सबसे अधिक हो जाता है जब आप बिज़नेस करने में इच्छुक हैं क्या आप हाल फिलहाल में कोई बिज़नेस शुरू करना चाहते है | हालांकि Business kya hai इस शब्द को अलग अलग विद्वानों ने अलग अलग रूप में परिभाषित किया है |

आपको सुन के हैरानी होगी की व्यापार शब्द का इस्तेमाल पहली बार 3000 साल पहले हुआ था लेकिन आज भी लोग इसे समझना चाहते है | और इसका  कारण यह है की बिज़नेस से आप कम समय में लाखो-करोडो कमाया जा सकता है | हालांकि बहुत सारे बिज़नेस ऐसे भी हैं जिनसे घर बैठे पैसे कमाया जा सकता है |

Business की परिभाषा (Definition of Business)

सामान्य भाषा में बिज़नेस को एक संगठन या उद्यमी इकाई (Business Unit) के रूप में परिभाषित किया गया है जो औद्योगिक, वाणिज्यिक या व्यावसायिक गतिविधियों में लगा हुआ है। बिज़नेस करने वाले संगठन या उद्यमी इकाई लाभकारी या गैर-लाभकारी संगठन हो सकते हैं | लाभकारी संगठन वे संगठन होते है जिनके अस्तित्व में आने की मूल वजह लाभ कमाना होता है जबकि गैर-लाभकारी संगठन वे संगठन है जिनका उद्देश्य लाभ कमाना नहीं होता है ये संगठन सामाजिक, धार्मिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए काम करते हैं।

लेखको के अनुसार Business kya hai

“मानव की संतुष्टि के माध्यम से लाभ कमाने और धन प्राप्त करने के उद्देश्य से किए गए माल का उत्पादन, खरीद, बिक्री या नियमित ही व्यवसाय है | ” ( स्टीफेंसन के अनुसार )

“व्यवसाय (Business) को एक उद्देश्य के साथ आयोजित गतिविधि के एक रूप को परिभाषित किया जा सकता है जिसका उद्देश्य उन लोगों के लाभ के लिए लाभ अर्जित करना, जिनकी ओर से गतिविधि संचालित की जाती है। ”( डिकसी के अनुसार )

दोस्तों अभी तक तो हमने जाना कि Business kya hai ? लेकिन हमारा उद्देश्य केवल यह समझने तक कि बिज़नेस क्या होता है समाप्त नहीं हो जाता | अगर आप एक सफल Businessman बनाना चाहते है तो आपके बिज़नेस के सभी छोटे बड़े पहलुओ जैसे बिज़नेस का रूप, बिज़नेस का आकर, बिज़नेस का क्षेत्र को समझना अत्यंत आवश्यक है | तो चलिए इन पहलुओ को एक एक करके समझते है

बिज़नेस का स्वरुप (Business Structures)

एक सफल बिज़नेस के पीछे व्यापार के स्वरुप का प्रमुख योगदान होता है हालांकि Business का स्वरुप क्या होना चाहिए यह व्यक्ति दर व्यक्ति अलग अलग होता है | Business का स्वरुप का चयन बहुत सारी पहलुओ जैसे व्यवसायी की योग्यता, बिज़नेस का आकर, बिज़नेस का क्षेत्र, Businessman का संगठन, Businessman के जोखिम लेने की क्षमता, Businessman की दूरदर्शिता आदि  पर निर्भर करता है | मुख्य रूप से बिज़नेस के तीन स्वरुप होते है एकल व्यापार, साझेदारी संगठन, कम्पनी | Proprietorship, Partnership, Company Registration बहुत आसानी से करवा सकते है |

एकल व्यापार (Sole-proprietorship)

एकल व्यापार (Sole-proprietorship) ऐसा Business होता है जिसका स्वामी केवल एक व्यक्ति होता है | बिज़नेस से सम्बंधित सभी निर्णय यही व्यक्ति लेता है | ये व्यक्ति बिज़नेस के सभी लाभों व हानियों का एक मात्र स्वामी होता है | कानून के नजर में एकल व्यापारी (Sole-proprietor) और व्यापार दोनों एक ही व्यक्ति होते है और व्यापार से सम्बंधित सभी दायित्व एकल व्यापारी (Sole-proprietor) की ही होती है |

साझेदारी संगठन (Partnership)

जब दो या दो से अधिक व्यक्ति किसी व्यापारिक उद्देश्य की पूर्ति के लिये आपस में अनुबंध करते है तो उसे साझेदारी संगठन (Partnership) कहते है | साझेदारी (Partnership) के लिए कम से कम दो व्यक्तियों का होना अनियार्य है एक अकेला व्यक्ति कभी भी साझेदारी (Partnership) नहीं कर सकता |

साझेदारी संगठन (Partnership) की सुरुवात में साझेदारी के बीच साझेदारी अनुबंध (Partnership deed) बनाया जाता है जिसमे साझेदारी के द्वारा लगायी जाने वाली पूंजी, लाभ हानि अनुपात, पूंजी पर व्याज की दर लिखा होता है | 

कम्पनी (Company)

इसकी परिभाषा कम्पनी अधिनियम, 2013, की धारा 2(20) में दिया गया है इसके अनुसार कम्पनी (Company) में उन सभी कंपनियों को सामिल किया जाता है जो इस कम्पनी अधिनियम या इसके पहले के कम्पनी अधिनियम के अधीन रजिस्टर्ड की गयी है |

कम्पनी (Company) के कई स्वरुप हो सकते है जैसे One Person Company, Private Company, Public Company, Government Company, Not for Profit Company, Producer Company | इन सभी कंपनियों की अपनी अपनी विशेषताएं होती है | कम्पनी के अंशधारी कम्पनी के वास्तविक मालिक होते है और कम्पनी की पूंजी को अंशपूंजी कहा जाता है जो छोटे छोटे अंश में विभाजित होता है |

Business kya hai

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बिज़नेस का आकर (Business Sizes)

बिज़नेस का आकर (Business Sizes) बिज़नेसमैन की कार्यकुशलता जोखिम लेने की क्षमता और पुंज की मात्र पर निर्भर करता है | हालांकि हजारो कंपनियों के परिक्षण में पाया गया है कि बिज़नेस की सुरुवात छोटी आकर से करना अधिक सफल रहा है | इसका मूल कारण ये है की बिज़नेस का आकर छोटा होने पर बिज़नेसमैन, बिज़नेस पर अधिक कुशलता पर नियन्त्रण कर पता है | बिज़नेस का आकर छोटा होने से इसमें पूंजी निवेश कम होता है जिससे बिज़नेस का जोखिम (Business Risk ) भी कम हो जाता है | 

बिज़नेस का क्षेत्र (Business Industries)

बिज़नेस का क्षेत्र (Business Industries) का चयन बिज़नेसमैन को अपनी व्यापारिक कुशलताओ और अनुभवों को ध्यान में रख कर करना चाहिए | आप जिस भी व्यापार क्षेत्र (Business Industries) का चयन कर रहे है उसमे आपका अनुभव होना अत्यंत आवश्यक है | अगर आप बिना अनुभव के किसी व्यापार क्षेत्र में व्यापार आरम्भ करते है तो आपको हानि होना निश्चित है |

कोई व्यवसायिक संगठन किस तरह का कम करती है इसका अन्दाजा उसके व्यापार क्षेत्र को देख कर ही लगाया जा सकता है |

बिज़नेस का स्थान (Business Location)

कोई भी बिज़नेस कितना सफल होगा इसमें इस बात का महत्वपूर्ण योगदान होता है कि Business किस स्थान पर सुरु किया गया है | Business उतना ही सफल होगा और उसके लाभ कमाने की सम्भावना उतने ही अधिक होगी जितनी उसकी व्यापारिक लागत (Business Cost) कम होगी | आपके बता दू के व्यापारिक लागत (Business Cost) में कच्चा मॉल और श्रमिक सबसे महत्वपूर्ण होते है | तो आपको बिज़नेस सुरु करने से पहले ये जाँच लेना चाहिए की कहा पर कच्चा मॉल और श्रमिक कम कीमत पर उपलाभ्ध है | यही कारण है की बहुत सरे विकशित देश भारत से श्रमिक ले जाते है क्यूंकि यहाँ के श्रमिक सस्ते है अपेक्षाकृत उनके देश के श्रमिक से |

बिज़नेस की पूंजी (Business Capital)

अगर आप बिज़नेस सुरु करना चाहते है तो आपको हमेशा कम से कम पूंजी से सुरुवात करने चाहिए | पूंजी की मात्र हमेशा उतनी ही होनी चाहिए जितनी आप जोखिम उठा सकते है क्योकि सुरुवात के दिनों में व्यापार में लाभ कमाने संभावना कम और जोखिम अधिक होती है | हालांकि समय बीतने से साथ जैसे-जैसे आपके Business की बाज़ार में पकड़ बढती जाए वैसे-वैसे आप पूंजी की मात्रा बढ़ा सकते है | 

बिज़नेस का नेतृत्वा (Business Leadership)

एक सफल बिज़नेस के लिए सफल नेतृत्व (Good Business Leadership) का होना अत्यंत आवश्यक है | एक सफल नेतृत्व (Good Business Leadership) में इतनी ताकत होती है कि वह डूबते हुए बिज़नेस को भी फिर से जिन्दा कर सकता है | एक सफल नेतृत्व कार्यस्थान (Business Place) का माहौल अच्छा बनाये रखता है, व्यापार के जोखिमो को पहले है भाप लेता है और उसके लिए पर्याप्त कदम उठता है | एक सफल नेतृत्व लाभ की संभावनाओ की तलाश करता है तथा उसमे निवेश करता है |

बिज़नेस का वृत्तीय श्रोत (Business Funding Option)

बिज़नेस में वृत्तीय श्रोत की महत्वपूर्ण भूमिका होती है | बिज़नेस के लिए पैसे की जरुरत को कई तरीको से पूरा किया जा सकता है जैसे आप खुद के पैसे को बिज़नेस में लगा सकते है, या बैंक से Loan ले सकते है या आप अपने परिवार वालो से उधर ले सकते है | Loan लेते समय इस बात का जरुर ध्यान रखना चाहिए की कहाँ से Loan लेना आपके लिए सस्ता रहेगा |    

बाजार अनुसंधान (Market Research)

बाजार अनुसंधान को हम बिज़नेस से सम्बंधित सभी घटकों का सम्मिलित रूप कह सकते है | कोई भी व्यापार सुरु करने से पहले सबसे पहला कदम होना चाहिए | बाजार अनुसंधान सभी पहलुओ जैसे व्यापार का स्वरुप, व्यापार का आकर, व्यापार का क्षेत्र, व्यापार का अस्थान, व्यापार की पूंजी, नेतृत्वा पर विचार किया जाना चाहिए | बाजार अनुसंधान जितना ही अच्छा होगा व्यापार में सफलता की सम्भावना भी उतना ही अधिक होगा |

समापन

दोस्तों इस पोस्ट में हमने जाना की Business kya hai व्यापार क्या होता है | इसके साथ ही हमने ये भी समझा की कोई बिज़नेस सुरु करने से पहले किन किन पहलुओ पर ध्यान देना चाहिए | उम्मीद है की Business kya hai यह बात अब आपको पूरी तरह से समझ में आ गयी होगी | अगर आपको ये पोस्ट पसंद आये तो हमें कमेंट करके जरुर बताये | धन्यवाद्  

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